गडिया लोहर... इतिहास को संजोए जिंदगी काटता समुदाय

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर ये लोग कौन हैं, इनकी क्या जाति है, कहां रहते हैं, क्या करते हैं, क्या पहचान है? कुछ दिन पहले ही दिल्ली में कुछ ऐसे लोगों ने प्रदर्शन किया, जिनसे अगर ये सवाल किए जाएं, तो उनके पास जवाब तो होंगे पर सिद्ध करने के लिए प्रमाण नहीं। वैसे तो
Read More

कश्मीर में स्कूली बच्ची की चीख को समझें नेता

सात दशक हो गए। कश्मीर वहीं है। कोई हल नहीं हुआ। विवाद और गहरा हुआ। विवाद महंगा हुआ। उपमहाद्वीप की बड़ी समस्या बन गयी। हिजबुल के बुरहान की मौत मुठभेड़ में हुई। उस वक़्त हिंसा भड़की। उसका वारिस सबजार 27 मई को मारा गया, फिर हिंसा भड़की। आतंकी हीरो नहीं हो सकता। घाटी में आतंकी
Read More

कश्मीर: किसकी हार?

“पोस्टमोर्टम में नीलोफर के शरीर से 5 लीटर वीर्य निकला था”, ये कहना है दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम में रहने वाले 16 साल के एक लड़के का… इस लड़के के अनुसार उसे ये बातें हाल ही में गांव में हुई एक “सभा” में बताई गयी थीं। नीलोफर जान, उन दो महिलाओं में से एक थी
Read More

छूटे लोगों को साथ लेने का संकल्प ही राष्ट्र निर्माण है

आज पूरे देश को विश्वास हो रहा है कि हम तरक्की की राह में बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। यह बात सच भी है कि हमारा देश ज्ञान-विज्ञान तथा तकनीक के मामले में अन्य देशों के साथ प्रतिस्पर्धा में है लेकिन क्या हम सचमुच तरक्की की दौड़ में आगे चल रहे राष्ट्रों की
Read More

वैश्विक आतंकवाद: एक लाइलाज बीमारी

– योगेन्द्र भारद्वाज विश्व के महापुरुषों ने अपनी अपनी संस्कृति को सर्वोत्कृष्ट रखने का प्रयत्न किया था, जिसमें भारत ने विश्वगुरू की उपाधि भी धारण की। लेकिन आज समग्र जगत एक ऐसी बीमारी का शिकार हो रहा है, जिसकी समाप्ति अत्यन्त दुष्कर है। यह बीमारी लाइलाज है और वैश्विक महामारी का रूप ले चुकी है।
Read More

भारत का भविष्य: एक खोज (दूसरी किस्त)

–पर्णिया मिश्रा ‘सुवास’ (@parniyamishra) पिछले लेख में मैने भारत के उज्जवल भविष्य के साध्य के साधन के रूप में ज्ञान के महत्व को प्रस्तुत किया था। आज प्रश्न यही खड़ा होता है कि यह विचारधारा और संकल्पना आज के भारत में कहाँ तक प्रासंगिक है? जिस महान और विकसित ज्ञान परंपरा का निर्वाह इस भारत
Read More

विक्रम-बेताल: भाजपा यशस्वी क्यों है?

पिछली कड़ी में अनिवार्य मतदान एक कर्त्तव्य हो या नहीं, इस बात का राजा विक्रम सही जवाब दे देते हैं और शर्त के अनुसार बेताल पुन: पेड़ पर लटक जाता है। हर बार की तरह राजा ने भी हार नहीं मानी, और उसे पेड़ से उतार कर अपने कंधों पर लाद कर मंदिर की तरफ
Read More

अलेप्पो से आए 'आख़िरी संदेश' जो कभी 'आख़िरी' थे ही नहीं

– अमन गुप्ता (@amanalbelaa) इन दिनों सीरिया के शहर अलेप्पो की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। सरकारी सेना और विद्रोहियों के बीच आम नागरिक की जिंदगी ख़तरे में हैं। भारी बमबारी में बड़ी बड़ी इमारतें जमींदोज़ हो गईं। लाखों लोग मर रहे हैं। हर तरफ चीख पुकार है और लाशों का ढेर लगा हुआ
Read More

भारत का भविष्य: एक खोज

–पर्णिया मिश्रा ‘सुवास’ (@parniyamishra) आज भारत को विश्वगुरु बनाने की चर्चाएं ज़ोरों पर हैं। राजनीती से लेकर व्यावसायिक क्षेत्र तक, गाँव-क़स्बे से लेकर हर जगह, बस हिंदुस्तान के भविष्य की चर्चा है। अच्छा है। लेकिन उसका रास्ता क्या होगा? इस प्रश्न में लोगों की सोच बंटी हुई है। आज से लगभग 15 साल पहले भारत
Read More

चुनाव: बहिष्कार से विकास की आस

__अमित (AmitBharteey) अगर आपकी राजनीति में रुचि हैं और इससे संबंधित ठीक-ठाक सामग्री पढ़ते रहते हैं तो आपने कई विद्वानों को ये कहते पाया होगा कि गरीबों का, अंतिम-जन का सबसे आख़िरी और कारगर उपाय उसका अपना मत होता है। जब चुनी गईं सरकारें और प्रतिनिधि पाँच साल (या निर्धारित कार्यकाल) में उसकी अपेक्षाओं के
Read More