शब्द सन्दर्भ की कमी और उपाय

हालांकि मैंने बचपन से ही हिन्दी पढ़ी है और हिन्दी विषय सदा ही एक अभिन्न विषय रहा जब तक मैं स्कूल में पढ़ा।

कॉलेज में दाखिला लेते ही हिन्दी से वास्ता जैसे खत्म सा हो गया। और जैसे जैसे कॉलेज की पढ़ाई पूरी की, नौकरी करने लगे, हिन्दी लिखना और पढ़ना जैसे कहीं गुम सा ही हो गया।

पिछले वर्ष मैं एक पुत्र का पिता बना। अगले वर्ष मेरा पुत्र २ साल का हो जाएगा। मैं एक दिन उसके स्कूल, आने वाले नए खर्चों पर विचार कर रहा था। एकाएक मन में विचार आया कि क्या मेरा बेटा भी सिर्फ अंग्रेज़ी भाषा के इर्द गिर्द सिमट कर रह जाएगा। क्योंकि सिर्फ नाम की हिन्दी ही स्कूलों में सिखाई जाएगी।

यह उत्तरदायित्व मैँ अब स्वयम् उठाऊँगा परन्तु मैँ स्वयम् ही हिन्दी शब्दों के उचित सन्दर्भ नहीं ढूँढ पा रहा।

एक भी ऐसी website नहीं जो समान दिखने वाले शब्दों में उनके उचित संदर्भ का विश्लेषण करे।

शब्दों के अन्तर मिलना कोई बड़ी बात नहीं परन्तु इसका उचित सन्दर्भ और उपयोग भी होना चाहिए। इन English वे say Connotation and Context

जैसे मान कर चलें,

अनोखा और अनूठा

अनुभूति और एहसास

कार्यक्रम और समागम

क्या इसका कोई उपाय है?

1 Like