# शब्द चुनाव प्रक्रिया और ट्रोल शब्द की हिन्दी

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**Created:** [September 6, 2022, 6:45am UTC](https://xn--61b6aya1cxd.xn--h2brj9c/t/%E0%A4%B6%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%A6-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B2-%E0%A4%B6%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80/92 "2022-09-06T06:45:56Z")\
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**Post date:** [September 6, 2022, 6:45am UTC](https://xn--61b6aya1cxd.xn--h2brj9c/t/%E0%A4%B6%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%A6-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B2-%E0%A4%B6%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80/92/1 "2022-09-06T06:45:56Z")

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विषय है ट्रोल की हिन्दी क्या होनी चाहिए जिस पर कुछ मंचो पर मैंने पहले लिखा है । लेकिन उससे पहले लम्बे प्रलाप और कुछ पुराने लेखों से अंश भी।

जब हिन्दी भाषा की बात होती है अक्सर उसके व्यवहार में प्रयोग और साहित्यिक प्रयोग की ही होती हैं। हिन्दी भाषा के वैज्ञानिक शिक्षा में प्रयोग की नहीं होती। जबकि हिन्दी ने एक से अधिक पीढ़ी को वैज्ञानिक शिक्षा दी है, कक्षा १२ तक । ये चलन कुछ समय पहले ही कम हुआ है जब लगभग सारा मध्यम वर्ग अंग्रेजी माध्यम शिक्षा से जुड़ गया है। हिन्दी माध्यम अब केवल गरीबों के लिए रह गया है। इसके बावजूद हमने ये नहीं भूलना चाहिए कि उच्च तकनीकी संस्थानों में आज भी दो प्रतिशत छात्र कक्षा १२ तक हिन्दी माध्यम से पढ़े होते हैं। कक्षा १२ तक के विज्ञान में हिन्दी अपनी उपयोगिता सिद्ध कर चुकी है भले ही एक बड़ा वर्ग इसके विरुद्ध जाए।

वैज्ञानिक शिक्षा की बात यहाँ पर इसलिए हुई कि यूरोपीय वैज्ञानिक शब्दों का हिंदी अनुवाद करते समय इस दिशा में सबसे बड़ा कार्य हुआ है। यूरोपीय वैज्ञानिक शब्द लैटिन या ग्रीक शब्द होते हैं लोग भूलवश उन्हें अंग्रेजी शब्द कहते हैं।

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जब हम दूसरी भाषा के ऐसे शब्द अपनी भाषा में लाना चाहते हैं जो या तो अब प्रचलन में नहीं है या कभी प्रचलन में नहीं रहे ये एक जटिल कार्य हो जाता है।

शब्द का अर्थ ही व्यवहार से जुड़ा होता है , व्यवहार नहीं तो अर्थ नहीं।

व्यवहार ना होने के कारण एक वेबसाइट के “ **Home page** ” जैसे सरल शब्द का शाब्दिक अनुवाद “ **गृह पृष्ठ** ” कोई अर्थ नहीं देगा। इसके लिए “ **मुख पृष्ठ** ” प्रचलित हो चुका है जो शाब्दिक अनुवाद नहीं है । शाब्दिक अनुवाद से भाषा की आत्मा मर जाती है इसलिए प्रचलन को पर्याप्त महत्व देना आवश्यक है। अनुवाद ही करना पड़े तो भी प्रचलनों को समझना आवश्यक है। अनुवाद भी भाषा की आत्मा जीवित रखते हुए ही होना चाहिए। Submarine भी एक नया अविष्कार है और Mobile भी , और Submarine तो व्यवहार में प्रयोग आने लायक चीज भी नहीं , फिर भी Submarine का जो शब्द स्वतः ही निकलकर आया वो कमाल का शब्द है , पनडुब्बी। खूब प्रचलित है , बनावटी नहीं लगता है , लोगों ने तुरंत अपना लिया। वहीँ पर जबरदस्ती वाले अनुवाद नहीं चल पाते हैं। उदाहरण के लिए Pedestrian Subway इसका किसी ने अनुवाद कर डाला **भूमिगत पैदल पार पथ** । ये पढ़ने वाले सोचेंगे कि कितनी कठिन भाषा है हिन्दी , इससे तो अंग्रेजी भली। भूमिगत मार्ग , काम कर जाता वो शब्दशः अनुवाद नहीं होता पर बेहतर शब्द होता । यहाँ पर देखने वाली बात ये है कि अंग्रेजी में Pedestrian क्यों लगाया गया , क्योंकि बहुत से शहरो में सड़कों के नीचे भूमिगत मार्ग बनने से पहले ही भूमिगत मेट्रो रेल थी जिसको Subway के नाम से जाना जाता है , भ्रम ना हो इसलिए Pedestrian Subway कर दिया। हमारे यहाँ तो ये सन्दर्भ ही नहीं था , कोई मेट्रो Subway या भूमिगत नाम से नहीं चल रही थी जिसके कारण केवल भूमिगत मार्ग कह देने से भ्रम हो जाता है। आशय ये है कि अनुवाद भी उस शब्द का सन्दर्भ अच्छे से समझकर ही होना चाहिए।

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लेकिन हिन्दी वैज्ञानिक शब्दावली काफी समृद्ध हुई है यद्यपि ये भी दोष रहित नहीं है। इस समृद्धि का कारण है हमने अपने प्राचीन विज्ञान से बहुत से शब्द खोजने का प्रयास किया और हमें बहुत से शब्द मिल भी गए।

विज्ञान के शब्दों में हमे ये देखना चाहिए, - इसका कही पर पहले से तो प्रचलित नहीं है - क्या प्राचीन भारतीय विज्ञान में इस शब्द का प्रयोग हुआ है? - शब्दावली आयोग इस शब्द के कितने और कौन से अनुवाद प्रस्तुत करते हैं - यदि कोई अनुवाद उपलब्ध नहीं है , तो विदेश में किन शब्द मूलों से और किन अर्थों में इन शब्दों का अनुवाद हुआ।

हिन्दी में वैज्ञानिक सामग्री की उपलब्धता कम है इसलिए मैं विकिपीडिया के पन्नो का हिन्दी अनुवाद आरम्भ किया था। लेकिन मैंने पाया कि बहुत से शब्द ऐसे हैं जिनका अभी तक अनुवाद ही नहीं हुआ है। उपलब्ध अनुवाद वैज्ञानिक शब्दावली आयोग की वेबसाइट पर मिल सकते है।

जो अनुवाद नहीं मिल पाए उनके लिए मैंने अनुवाद का प्रयास किया , लेकिन ये बड़े श्रम का कार्य होता है।

एक उदाहरण लेते हैं। खगोलशास्त्र के सन्दर्भ में **Draconic Month** की सही हिन्दी क्या होगी ?

Draconic के बहुत से अर्थ होते हैं। कठोर , या ड्रैगन से सम्बन्धित। क्या अर्थ लिया जा सकता है। वस्तुतः यहाँ पर मुख्य बात ये है इस शब्द का प्रयोग किस अर्थ में है। चन्द्रमा के एक lunar node पर फिर से लौट आने में जो समय लगता है वो Draconic Month हैं। अब इसमें Draconic क्यों आ लगा ? इसलिए कि प्राचीन काल में यवनो में भी भारत की तरह ही राहू केतु जैसी कहानी प्रचलित थी। जैसे राहू का सिर एक ग्रहण का कारण था तो उसका शेष भाग दूसरे ग्रहण का कारण माना जाता था। इसी प्रकार यूरोप में माना जाता था कि एक विशाल ड्रैगन ग्रहण का कारण है और चन्द्रमा के ड्रैगन के सिर पर फिर से लौट आने का समय Draconic Month है।

हमे इसके प्रयोग देखने चाहिए। नहीं मिलते तो अनुवाद करना चाहिए। प्रयोग ना मिलने की स्थिति में इसका सही अनुवाद **राहु मास** होगा ऐसा मेरा विचार है।

विकिपीडिया पर ये पन्ना मैंने बनाया था।

[चंद्रपात - विकिपीडिया](https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%9A%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A4)

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पहले तो अंग्रेजी के ट्रोल शब्द और उसके मूल को समझना चाहिए।

पश्चिमी सभ्यता में ट्रोल एक **भद्दी व जंगली प्रजाति** होती है जिसका आकर मनुष्यों से बड़ा जा छोटा भी हो सकता था , अधिकांशतः ट्रोल को बड़े आकर का ही माना जाता है। इनमे कोई मायावी शक्ति नहीं होती थी।

हैरी पॉटर फिल्मों में ये ट्रोल सबने देखा है।

![](https://xn--61b6aya1cxd.xn--h2brj9c/uploads/default/original/1X/4118eec097cfd2600ca2bbb3b047dd412ea84146.jpeg)

अगर Google भी करें तो यही अर्थ मिलता है।

![](https://xn--61b6aya1cxd.xn--h2brj9c/uploads/default/original/1X/60591818b9eb35baeea6ab57870be30f5d32add5.jpeg)

**पुराने अर्थ के ट्रोल को हिंदी में दानव कहा जा सकता है।** अब बहुत से लोग दानव , राक्षस , दैत्य , असुर में अंतर नहीं जानते होंगे . पर ये विषय नहीं है। वैसै तो भारतीय कथाओं मे दानवों का अपना इतिहास है । यहाँ पर इतना अर्थ लेते है , दानव मनुष्य से थोड़े अधिक आकर की ( पर दैत्याकार नहीं ) एक जंगली प्रजाति होती थी।

पश्चिमी सभ्यता में ट्रोल मनुष्यों को परेशान करने के जाने जाते थे , ये मनुष्य को देखकर उनके पीछे भागते थे । **इस कारण आजकल ट्रोल का एक और अर्थ प्रचलित हो गया है , परेशान करने वाला , पीछे पड़ने वाला ।** यदि कोई आपको इंटरनेट पर परेशान करता है , उसको ट्रोल कहा जाने लगा। इसका मतलब ये नहीं है कि मूल शब्द समाप्त हो गया है।

![](https://xn--61b6aya1cxd.xn--h2brj9c/uploads/default/original/1X/429b4e029c7cf7cc8fd782531c064be11fd2d26d.jpeg)

अब पुराने अर्थ के ट्रोल का अनुवाद नए ट्रोल शब्द के लिए तो प्रयोग नहीं हो सकता। क्योकि किसी विशेष प्रयोग से लोगों के विशेष भाव जुड़े होते है। अनुवाद के साथ वे भाव नहीं आते। इसलिए इसके लिए हिंदी में भी **ट्रोल** शब्द ही ठीक है।

यदि किसी को विश्वास है कि वह इस अर्थ के लिए एक हिंदी शब्द को प्रचलित कर सकता है। तो मैं कहूँगा की ट्रोल को **प्रेत** कहा जा सकता है। क्योकि भारत में प्रेत को ही पीछे पड़ने वाला माना गया है। अब अगर कोई इंटरनेट पर आपको तंग करे तो कहिए कि **प्रेत हो क्या जो पीछे पड़ गए।**  
प्रेत शब्द अंग्रेजी शब्द ट्रोल के दोनो भाव रखता है , एक खतरनाक प्राणी का भाव और दूसरा पीछे पडने का भाव ।  
क्योंकि व्यवहार में भाव नहीं जुड़ा है इसलिए कोई भी अनुवाद सभी को पसंद नहीं आएगा। लेकिन प्रयोग के साथ लोग उससे सहज हो जाएँगे। आरम्भ में दोनों शब्द एक साथ लिखने होंगे जैसे:- **फेसबुक-प्रेतों से पीछा छूटा ही था कि आज मेरे पीछे कुछ ट्विटर- प्रेत (ट्रोल ) पड़ गए।**
