# अक्खरिका नाम के एक कल्पनाशीलता बढाने वाले खेल की जानकारी

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**Category:** लोक-संस्कृति\
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**Created:** [July 29, 2022, 9:35am UTC](https://xn--61b6aya1cxd.xn--h2brj9c/t/%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%96%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80/74 "2022-07-29T09:35:41Z")\
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**Author:** ![Arvind\_Vyas](https://xn--61b6aya1cxd.xn--h2brj9c/user_avatar/xn--61b6aya1cxd.xn--h2brj9c/arvind_vyas/32/25_2.png) [@Arvind\_Vyas](https://xn--61b6aya1cxd.xn--h2brj9c/u/Arvind_Vyas)\
**Post date:** [July 29, 2022, 9:35am UTC](https://xn--61b6aya1cxd.xn--h2brj9c/t/%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%96%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80/74/1 "2022-07-29T09:35:41Z")

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बौद्ध धर्म सूत्रों में अक्खरिका नाम के खेल का विवरण मिलता है। तिपिटक के सुत्त पिटक के दीघ निकाय में इस क्रीड़ा का प्रथम विवरण मिलता है :—

> अक्खरिका वुच्चति आकासे वा पिट्ठियं वा अक्खरजाननकीळा । — दीघनिकाये सुमङ्गलविलासिनी : शीलक्खन्दवग्गट्ठकथा १. १४

आकाश (वायु) में अथवा (किसी दूसरे व्यक्ति) की पीठ पर लेखन को अनुमान कर जानने की लीला को कहा गया है।

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(चित्र तिरहुत लिपि आ उद्भव अरु विकास — गजेन्द्र ठाकुर (मैथिली पत्रिका विदेह मासिक) से साभार!)

बौद्ध धर्म के सूत्रों में अक्खरिका नाम के एक खेल का विवरण मिलता है; जिसमें आकाश में अक्षर बनाने की स्पर्धा की जाती है। बौद्ध भिक्षुओं के लिए यह क्रीड़ा निषिद्ध है। विनय पटक अक्षर लिखने की की कला सिखाने की बौद्ध भिक्षुओं को अनुमति देता है।  
पालि हिन्दी शब्दकोश के अनुसार :—

![](https://xn--61b6aya1cxd.xn--h2brj9c/uploads/default/original/1X/af8bc4057c8a86e4519238cebcc4840a30a05f86.jpeg)

अक्खरिका स्त्री., [संस्कृत : अक्षरिका], एक प्रकार के खेल का नाम, आकाश या पीठ पर लिखे अक्षर को जानने का खेल —अक्खरिका वच्चति आकासे वा पिद्वियं वा अक्खरजाननकीळा, दी. नि. अट्ठ. 1.78; अक्खरिकायपि कीळन्ति, चूळव. 22.

अतः अक्षरिका अथवा अक्खरिका एक ऐसा खेल है; जिसमें कोई व्यक्ति अपने हाथ की उँगलियों से आकाश (वायु) में अथवा किसी दूसरे व्यक्ति की पीठ पर कुछ लिखता है; तथा दूसरा व्यक्ति उस लिखे का अनुमान करने का प्रयास करता है।

मेरे बचपन के खेलों में एक खेल यह भी होता था; किन्तु तब इस खेल के नाम के बारे में कुछ ज्ञात नहीं था।  
विशेष :—

हाइपरलेक्सिया (hyperlexia) तथा स्वलीनता (autism) के लक्षणों में “उंगलियों से हवा में लिखना” भी एक है। यह सम्भव है कि मानसिक स्वास्थ्य को दृष्टिगत रख बौद्ध परम्परा में इसे निषेध किया गया हो।

![](https://xn--61b6aya1cxd.xn--h2brj9c/uploads/default/original/1X/f496ec27f3cf7ee35b92deeff7cad779a79a698c.jpeg)

(चित्र [What You Need to Know About Hyperlexia & Air Writing](https://www.andnextcomesl.com/2020/10/hyperlexia-air-writing.html) से साभार!)

जब कोई बच्चा अपनी अपेक्षित क्षमता से अधिक शीघ्र और आश्चर्यजनक रूप से पढ़ना शुरू कर देता है तो यह हाइपरलेक्सिया है। बहुधा ऐसे शिशुओं में अक्षरों और संख्याओं में एक जुनूनी रुचि बन जाती है। बहुधा हाइपरलेक्सिया (सदा नहीं) स्वलीनता स्पेक्ट्रम विकार (autism spectrum disorder ASD) का सहभाग होता है। हाइपरलेक्सिक व्यक्ति स्वनियमन (self-regulation) में सहायता के लिए “वायु लेखन” को एक प्रेरक के रूप में प्रयोग कर सकते हैं; इसका तात्पर्य यह है कि हवा में अक्षर और शब्द लिखना हाइपरलेक्सिक बच्चे के लिए शान्ति और सुख देनेवाला हो सकता है। यह निश्चय ही ऐसी अंतर्निहित संघर्ष की रणनीति है जिसे का उपयोग वे अभिभूत या चिन्तित अनुभव होने पर कर सकते हैं।

अच्छी बात यह है कि वायुलेखन अथवा आकाशलेखन बच्चों का हस्तलेखन सुधारने की एक उत्तम विधि है।

© अरविन्द व्यास, सर्वाधिकार सुरक्षित।

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**Author:** ![संदीप\_दीक्षित](https://xn--61b6aya1cxd.xn--h2brj9c/user_avatar/xn--61b6aya1cxd.xn--h2brj9c/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%AA_%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%A4/32/17_2.png) [@संदीप\_दीक्षित](https://xn--61b6aya1cxd.xn--h2brj9c/u/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%AA_%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%A4)\
**Post date:** [July 29, 2022, 10:19am UTC](https://xn--61b6aya1cxd.xn--h2brj9c/t/%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%96%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80/74/2 "2022-07-29T10:19:39Z")

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अति उत्तम।  
हिन्दी भाषा के प्रेमी आपके योगदान के ऋणी रहेंगे। और एक बार इस खेल को मैं अपने घर में अवश्य खेलूंगा
