संविधान उद्देशिका

संविधान और 'मैं' से 'हम'

राजनीति एक दिलचस्प चीज है। ये सब में है, सबकी है और सबसे है। इसके बावजूद अक्सर ये ताने सुनती है। गुनाह हम बुनते हैं, इल्जाम राजनीति पर आ चिपटता है। जैसे ही ‘मैं’, ‘हम’ में तब्दील होता है, राजनीति का क्षेत्र शुरू हो जाता है। यूपी-बिहार में ‘मैं’ कम ‘हम’ ज्यादा बोला जाता है,
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