विधानसभा चुनाव

विक्रम-बेताल: भाजपा यशस्वी क्यों है?

पिछली कड़ी में अनिवार्य मतदान एक कर्त्तव्य हो या नहीं, इस बात का राजा विक्रम सही जवाब दे देते हैं और शर्त के अनुसार बेताल पुन: पेड़ पर लटक जाता है। हर बार की तरह राजा ने भी हार नहीं मानी, और उसे पेड़ से उतार कर अपने कंधों पर लाद कर मंदिर की तरफ
Read More

चुनाव: बहिष्कार से विकास की आस

__अमित (AmitBharteey) अगर आपकी राजनीति में रुचि हैं और इससे संबंधित ठीक-ठाक सामग्री पढ़ते रहते हैं तो आपने कई विद्वानों को ये कहते पाया होगा कि गरीबों का, अंतिम-जन का सबसे आख़िरी और कारगर उपाय उसका अपना मत होता है। जब चुनी गईं सरकारें और प्रतिनिधि पाँच साल (या निर्धारित कार्यकाल) में उसकी अपेक्षाओं के
Read More

चर्चा के चबूतरे पर केशव प्रसाद मौर्य

कहा जाता है कि दिल्ली की सत्ता का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है. उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक प्रदेश है. लोकसभा की सबसे ज्यादा 80 तो वहीं विधानसभा की 403 सीटें… लेकिन पिछले करीब 15 सालों से देश ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने का दावा करने
Read More

विक्रम-बेताल: अनिवार्य मतदान एक कर्त्तव्य हो या नहीं?

विक्रम और बेताल की कहानियां हम सबने सुनी हैं। इस कथा के अनुसार राजा विक्रमादित्य एक तांत्रिक की इच्छा पूर्ण करने के लिए एक पेड़ पर लटके हुए बेताल को पकड़ने की जिम्मेदारी लेते हैं। बेताल राजा के सामने एक शर्त रखता है। वह राजा से एक सवाल पूछेगा। अगर राजा उसका जवाब जानते हुए
Read More

यूपी में जाति और मतों का चक्रव्यूह

–शिवांगिनी पाठक (@ShivanginiPatha) गुजरने वाला समय मानव के सही या गलत, अच्छे या बुरे विचारों में निरंतर परिवर्तन का साक्षी रहा है: चक्रवर्ती राजगोपालाचारी युद्ध की आधुनिक परिभाषा में अब कुरुक्षेत्र युद्ध जैसा कुछ भी शेष नहीं रह गया है जहां देवदूत धर्म की प्रतिष्ठा, रक्षा की ख़ातिर राक्षसों को ललकारते थे। जहां युद्ध की
Read More