भारत का भविष्य

भारत का भविष्य: एक खोज (दूसरी किस्त)

–पर्णिया मिश्रा ‘सुवास’ (@parniyamishra) पिछले लेख में मैने भारत के उज्जवल भविष्य के साध्य के साधन के रूप में ज्ञान के महत्व को प्रस्तुत किया था। आज प्रश्न यही खड़ा होता है कि यह विचारधारा और संकल्पना आज के भारत में कहाँ तक प्रासंगिक है? जिस महान और विकसित ज्ञान परंपरा का निर्वाह इस भारत
Read More

भारत का भविष्य: एक खोज

–पर्णिया मिश्रा ‘सुवास’ (@parniyamishra) आज भारत को विश्वगुरु बनाने की चर्चाएं ज़ोरों पर हैं। राजनीती से लेकर व्यावसायिक क्षेत्र तक, गाँव-क़स्बे से लेकर हर जगह, बस हिंदुस्तान के भविष्य की चर्चा है। अच्छा है। लेकिन उसका रास्ता क्या होगा? इस प्रश्न में लोगों की सोच बंटी हुई है। आज से लगभग 15 साल पहले भारत
Read More