चुनाव: बहिष्कार से विकास की आस

__अमित (AmitBharteey) अगर आपकी राजनीति में रुचि हैं और इससे संबंधित ठीक-ठाक सामग्री पढ़ते रहते हैं तो आपने कई विद्वानों को ये कहते पाया होगा कि गरीबों का, अंतिम-जन का सबसे आख़िरी और कारगर उपाय उसका अपना मत होता है। जब चुनी गईं सरकारें और प्रतिनिधि पाँच साल (या निर्धारित कार्यकाल) में उसकी अपेक्षाओं के
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चर्चा के चबूतरे पर केशव प्रसाद मौर्य

कहा जाता है कि दिल्ली की सत्ता का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है. उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक प्रदेश है. लोकसभा की सबसे ज्यादा 80 तो वहीं विधानसभा की 403 सीटें… लेकिन पिछले करीब 15 सालों से देश ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने का दावा करने
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...जो बापू को 'गढ़' रहे हैं

आज महात्मा गांधी की पुण्यतिथि है। भले ही साबरमती का संत 69 साल पहले पंचतत्व में विलीन हो गया हो, लेकिन उनका सत्य और अहिंसा का सिद्धान्त आज भी दुनिया को रास्ता दिखा रहा है। गांधी जी की पुण्यतिथि पर हम आपको एक ऐसे शख्स से मिलवा रहे हैं जो बापू को ‘गढ़’ रहे हैं
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विक्रम-बेताल: अनिवार्य मतदान एक कर्त्तव्य हो या नहीं?

विक्रम और बेताल की कहानियां हम सबने सुनी हैं। इस कथा के अनुसार राजा विक्रमादित्य एक तांत्रिक की इच्छा पूर्ण करने के लिए एक पेड़ पर लटके हुए बेताल को पकड़ने की जिम्मेदारी लेते हैं। बेताल राजा के सामने एक शर्त रखता है। वह राजा से एक सवाल पूछेगा। अगर राजा उसका जवाब जानते हुए
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केरल का लाल आतंक

भारत के सर्वाधिक साक्षर राज्य का दर्जा केरल को प्राप्त है। भारत की साक्षरता दर जहाँ 74 के आसपास है, वहीं केरल में यही 92 तक जाती है। गर्व होता है भारत को अपना ऐसे साक्षर राज्य पर। साथ ही केरल की नर्सें, जो कि विश्वविख्यात हैं और संंभवतः भारत में लगभग प्रत्येक राज्य में
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जयंती विशेष-14 साल में 'राज' की राइफ़लों से भरी बैलगाड़ी लूटने वाले 'लम्बोदर मुखर्जी'

ज़िंदगी में स्वतंत्रता सबसे महत्वपूर्ण होती है या यूँ कह लें, स्वाधीनता जीवन का मूल अर्थ है। मगर हमारे देश का इतिहास दो सौ सालों की पराधीन दासता को बयां करता है। साल 1947 में हमारा भारत देश दो सदियों की गुलामी की जंजीरों से आज़ाद हुआ। उस वर्ष 15 अगस्त वह दिन था जब
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चर्चा के चबूतरे पर भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई क़ुरैशी

पाँच राज्यों में चुनावी बिगुल बज चुका है। इसी बीच चुनावों में धनबल रोकने, नोटबंदी के दौर में चुनावों को कैशलेस होने की बातें भी की जा रही हैं। संघ की सरकार के मुखिया, प्रधानमंत्री जी भी कई बार चुनाव सुधारों की बात कह चुके हैं… इन्हीं तमाम मसलों को लेकर चौपाल के अमित पहुँचे  एक
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तैमूर - नाम में क्या रखा है?

–मनीषा दीक्षित (@MonishaDikshit) “नाम में क्या रखा है? जिसे हम गुलाब कहते हैं उसे किसी और नाम से पुकारें तो भी वो उतना ही अच्छा महकेगा “ विलियम शेक्सपियर का यह विचार भी, सोशल मीडिया पर बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान और करीना कपूर के बेटे के नाम तैमूर अली खान को लेकर मचे हुए बवाल
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चर्चा के चबूतरे पर आरती देवी

ग्राम धुंकपाड़ा, जनपद गंजाम, राज्य ओडिशा… इन शब्दों को गूगल में डालिए… जो परिणाम आएंगे वो आरती देवी  के इर्द-गिर्द घूमेंगे… तो कौन हैं आरती देवी  जिनके बारे में मीडिया ने शायद उतना नहीं बताया जितना बताना चाहिए… अपने नाम और स्वभाव के अनुरूप चौपाल  पहुँची भारत की सबसे युवा महिला सरपंच के पास, जिनके
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प्रशांत किशोर और भारतीय राजनीति

– संजय मेहता (@JournalistMehta) भारतीय राजनीति के बदलते दौर में प्रशांत किशोर एक जाना पहचाना नाम है। उन्होंने भारतीय राजनीति को नए अर्थों में गढ़ा है। कहा जाता है कि राजनीति में न कोई स्थायी दोस्त है और न स्थायी दुश्मन। राजनीति की पहली और आखिरी शर्त है कि किसी पर विश्वास मत करो क्योंकि राजनीति
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