केरल का लाल आतंक

भारत के सर्वाधिक साक्षर राज्य का दर्जा केरल को प्राप्त है। भारत की साक्षरता दर जहाँ 74 के आसपास है, वहीं केरल में यही 92 तक जाती है। गर्व होता है भारत को अपना ऐसे साक्षर राज्य पर। साथ ही केरल की नर्सें, जो कि विश्वविख्यात हैं और संंभवतः भारत में लगभग प्रत्येक राज्य में
Read More

जयंती विशेष-14 साल में 'राज' की राइफ़लों से भरी बैलगाड़ी लूटने वाले 'लम्बोदर मुखर्जी'

ज़िंदगी में स्वतंत्रता सबसे महत्वपूर्ण होती है या यूँ कह लें, स्वाधीनता जीवन का मूल अर्थ है। मगर हमारे देश का इतिहास दो सौ सालों की पराधीन दासता को बयां करता है। साल 1947 में हमारा भारत देश दो सदियों की गुलामी की जंजीरों से आज़ाद हुआ। उस वर्ष 15 अगस्त वह दिन था जब
Read More

चर्चा के चबूतरे पर भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई क़ुरैशी

पाँच राज्यों में चुनावी बिगुल बज चुका है। इसी बीच चुनावों में धनबल रोकने, नोटबंदी के दौर में चुनावों को कैशलेस होने की बातें भी की जा रही हैं। संघ की सरकार के मुखिया, प्रधानमंत्री जी भी कई बार चुनाव सुधारों की बात कह चुके हैं… इन्हीं तमाम मसलों को लेकर चौपाल के अनुराग धर्मेंद्र
Read More

तैमूर - नाम में क्या रखा है?

–मनीषा दीक्षित (@MonishaDikshit) “नाम में क्या रखा है? जिसे हम गुलाब कहते हैं उसे किसी और नाम से पुकारें तो भी वो उतना ही अच्छा महकेगा “ विलियम शेक्सपियर का यह विचार भी, सोशल मीडिया पर बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान और करीना कपूर के बेटे के नाम तैमूर अली खान को लेकर मचे हुए बवाल
Read More

चर्चा के चबूतरे पर आरती देवी

ग्राम धुंकपाड़ा, जनपद गंजाम, राज्य ओडिशा… इन शब्दों को गूगल में डालिए… जो परिणाम आएंगे वो आरती देवी  के इर्द-गिर्द घूमेंगे… तो कौन हैं आरती देवी  जिनके बारे में मीडिया ने शायद उतना नहीं बताया जितना बताना चाहिए… अपने नाम और स्वभाव के अनुरूप चौपाल  पहुँची भारत की सबसे युवा महिला सरपंच के पास, जिनके
Read More

प्रशांत किशोर और भारतीय राजनीति

– संजय मेहता (@JournalistMehta) भारतीय राजनीति के बदलते दौर में प्रशांत किशोर एक जाना पहचाना नाम है। उन्होंने भारतीय राजनीति को नए अर्थों में गढ़ा है। कहा जाता है कि राजनीति में न कोई स्थायी दोस्त है और न स्थायी दुश्मन। राजनीति की पहली और आखिरी शर्त है कि किसी पर विश्वास मत करो क्योंकि राजनीति
Read More

कांग्रेस: जो हौद से गयी सो बूंद से नहीं आती

– अनिरुद्ध जोशी बचपन में मेरी चाची ने एक कहानी सुनायी थी। अकबर और बीरबल की कहानी। एक बार बादशाह अकबर एक कीमती अरबी इत्र की खुशबू ले रहे थे। अचानक उस इत्र की कुछ बूंदें कालीन पर छलक कर गिर गयी। बादशाह ने तुरंत झुक कर उस गिरे  इत्र को  उँगलियों से चुन कर सूंघने
Read More

विजय दिवस और बांग्लादेश का आगमन

-शान कश्यप (@Shaan_Kashyapp) इस 16 दिसम्बर को हम 1971 के युद्ध की 45वीं जयंती मना रहे हैं. इसे विजय दिवस कहने का अभिप्राय मात्र एक युद्ध विजय से नहीं है, बल्कि यह इस युद्ध के ऐतिहासिक महत्व को इंगित करता है। मानव इतिहास एक तरह से युद्धों का इतिहास भी रहा है- वर्चस्व, विस्तार, साम्राज्य
Read More

नोटबंदी-50 दिनों की उम्मीद

–यशवंत देशमुख (@YRDeshmukh)                                          सी-वोटर का विस्तृत सर्वेक्षण नोटबंदी पर आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों के बीच सी-वोटर ट्रैकर के हिसाब से विमुद्रीकरण का समर्थन तीसरे हफ्ते भी जारी है। इसके समर्थन में 85.77 फीसदी
Read More

पोस्ट ट्रुथ-सच हुआ बेमतलब!

–सत्येंद्र रंजन (@SRanjan19)                       ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने Post-Truth को 2016 का वर्ड ऑफ द ईयर चुना है हाल ही में ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने “post-truth” को 2016 का वर्ड ऑफ द ईयर यानी साल का सबसे प्रचलित शब्द घोषित किया। इस शब्दकोश के संपादकों के मुताबिक
Read More