विविध/Miscellaneous

गिरवी इतिहास का परिणाम है कोरेगांव हिंसा

कुछ सौ एक साल पहले की घटना है। एक गाँव में राम और श्याम नाम के दो लोग रहते थे। उनके घर-बार साथ ही साथ थे। उनका घर परिवार बहुत संपन्न तो नहीं लेकिन सुखी था। एक दिन उस गाँव में एक अंग्रेज आया और उसने राम से कहा की श्याम के दादाजी के दादाजी,
Read More

जन्मदिन विशेष: जब ग़ालिब और ज़ौक़ भरी महफ़िल में लड़ पड़े

“हैं और भी दुनिया में सुखन-वर बहुत अच्छे, कहते हैं कि ग़ालिब का है अंदाज-ए-बयाँ और” ।।  आज मिर्ज़ा असदुल्लाह बेग़ खां यानी मिर्ज़ा ग़ालिब की जयंती है। अपने ज़ुदा अंदाज-ए-बयाँ- के लिए मशहूर मिर्ज़ा ग़ालिब को भला शेरो-शायरी का कौन कद्रदान नहीं जानता होगा। और तभी तो ख़ुद ग़ालिब ने लिखा है – “पूछते
Read More

जन्मदिन विशेष: जो नेहरु जी ने 1947 में किया, वह अटल जी ने 1984 में किया

कुछ याद करने की कोशिश कीजिए। विभाजन की एक तस्वीर… जवाहर लाल नेहरु ‘प्रधानमंत्री’ जवाहर लाल नेहरु हो चुके थे। देश रक्तरंजित विभाजन की पीड़ा सह रहा था। धर्म के नाम पर होने वाली हिंसा में दोनों ओर लोग कट-मर रहे थे। राजधानी होते हुए, दिल्ली इससे प्रभावित ना हो, ऐसा नहीं हो सकता था।
Read More

नेताजींची जयंती ‘देशभक्त दिन’ घोषित करा, चंद्रकुमार यांचे पंतप्रधानांना पत्र

श्री नरेंद्र मोदी माननीय पंतप्रधान नवी दिल्ली महोद्य, मी तुम्हाला राष्ट्रीय विषयावर आधारित एका महत्त्वाच्या विषयावर आणि आपल्या देशातील जनतेच्या खूप आधीपासून प्रलंबित असलेल्या एका मागणी विषयी पत्र लिहीत आहे। एनडीए सरकारने जर 23 जानेवारी ज्या दिवशी नेताजी सुभाषचंद्र बोस यांची जयंती असते हा दिवस ‘देशभक्त दिन’ किंवा ‘देशप्रेम दिन’ म्हणून घोषित केला, तर जनतेला
Read More

प्रधानमंत्री को पत्र: नेताजी के जन्मदिन को 'देश प्रेम दिवस' घोषित कीजिए

श्री नरेंद्र मोदी माननीय प्रधानमंत्री नई दिल्ली आदरणीय नरेंद्र मोदी जी,      मैं आपको यह पत्र एक ऐसे विषय के बारे में लिख रहा हूँ जो ना सिर्फ राष्ट्रीय महत्व का है बल्कि यह भारत के लोगों की बहुत पुरानी मांग भी है। देश के लोग बहुत खुश होंगे अगर राजग (एनडीए) सरकार सुभाष
Read More

भोपाल गैस त्रासदी: गोरखपुर एक्सप्रेस, जो स्टेशन पर नहीं रुकी

यह कहानी भोपाल गैस त्रासदी के समय भोपाल रेलवे स्टेशन पर आने वाली गोरखपुर एक्सप्रेस की है, जो लाशों से पटे भोपाल स्टेशन की तरफ बढ़ रही थी। पूरा स्टेशन मिथाइल आइसोसाइनाइट गैस की चपेट में आ चुका था, ऐसे में अगर ट्रेन स्टेशन पर रुकती तो मृतकों की संख्या में निश्चित इज़ाफ़ा होता। ऐसी
Read More

दारुल उलूम की यह चाबुक यानि इस्लाम पर भीतरघात

न्यूज वेबसाइट सत्याग्रह डीएनए की एक खबर के हवाले से लिखता है कि दारुल उलूम देवबंद ने कांग्रेस नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद को इस्लाम से बाहर कर दिया है। आरोप है कि उन्होंने यूपी के संभल में आयोजित कल्कि महोत्सव में हिंदुओं के आराध्य भगवान राम की आरती की थी। देवबंद के
Read More

आज गांधी जिंदा होते तो तिहाड़ में होते!

‘आप ऐसा काम कर रहे हैं, जिससे किसी भी सरकार के लिए यह संभव नहीं कि वह आपको स्वतंत्र रहने दे।’ यह फैसला उस गोरे न्यायाधीश ब्रूम्सफील्ड का है, जिनके शब्दों में गांधी ‘महान नेता, ‘महान देशभक्त’, ‘उच्च स्तर के आदर्शवादी’ और ‘बेहद पवित्र’ थे। आखिर गांधी ऐसा क्या कर रहे थे कि किसी भी
Read More

मीडिया: अब कितनी भरोसेमंद!

गुरुग्राम में हुए प्रद्युमन हत्याकांड ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। आम मध्यम वर्गीय परिवार जीतोड़ मेहनत कर अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए क्या कुछ नहीं करते। अच्छे से अच्छे स्कूल में भेजना, बेहतर से बेहतर सुविधाएं देना परिवार और मां-बाप के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। वे सब
Read More

छूटे लोगों को साथ लेने का संकल्प ही राष्ट्र निर्माण है

आज पूरे देश को विश्वास हो रहा है कि हम तरक्की की राह में बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। यह बात सच भी है कि हमारा देश ज्ञान-विज्ञान तथा तकनीक के मामले में अन्य देशों के साथ प्रतिस्पर्धा में है लेकिन क्या हम सचमुच तरक्की की दौड़ में आगे चल रहे राष्ट्रों की
Read More