लोकतांत्रिक रंग/Democratic Colors

यह पन्ना राजनीतिक दलों के लिए है. वे आएं और अपने विचार लिखें.

भारतीय गणतंत्र: पूरे होते सात दशक में क्या पाया है, क्या पाना है?

भारत ने 26 जनवरी 1950 को नियति के साथ करार को आखिरकार हमने “अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित” किया और आज हमारा ‘युवा’ गणतंत्र 69वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। संविधान में गणतंत्र/गणराज्य का अर्थ वह शासन व्यवस्था, जहाँ राष्ट्र प्रमुख का निर्वाचन सीधे जनता करे या जनता के प्रतिनिधि करें। दूसरे शब्दों में, जनता
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कश्मीर 28 साल पहले: मुझसे पंडित नेहरु की तस्वीर पर थूंकने को कहा गया, और मैंने ऐसा किया भी

उत्तर भारत के अधिकतर हिस्सों में अभी-अभी बच्चों की स्कूली छुट्टियां ख़त्म हुईं हैं। यह हर साल होने वाली प्रक्रिया है। कड़ाके की सर्दी के कारण क्रिसमस से लेकर मकर संक्रांति तक बच्चों को बहुत कम स्कूल जाना होता है। मई-जून के महीने में फिर छुट्टियां मिलेंगी! लेकिन कश्मीर में ऐसा नहीं होता। मई-जून वाली
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विक्रम-बेताल: पद्मावती और बाहुबली

हर बार की तरह एक बार फिर राजा विक्रम ने बेताल पेड़ से उतारकर अपने कंधे पर उठाया और मंदिर की तरफ चल पड़ा। कुछ देर शांत रहने के बाद बेताल ने फिर एक नया प्रश्न पूछा। बेताल ने कहा, “राजा, पिछले प्रश्न का जवाब तो तूने बहुत अच्छा बताया। अब एक नया प्रश्न है
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कामेश्वर चौपाल: पहले कार सेवक

कामेश्वर चौपाल आज 61 साल के हैं, और उस पल को याद करते हैं जब उन्हें अयोध्या में संघ परिवार के दिग्गजों के साथ मंच पर बुलाया गया था और कहा गया था राम मंदिर के प्रस्तावित निर्माण स्थल की पहली ईंट उन्हीं से लगवाई जाएगी 1993 में, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी उत्तर
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ईवीएम में छेड़छाड़ क्यों संभव नहीं?

वर्ष 2017 के फरवरी-मार्च महीने में संपन्न पांच राज्यों के विधानसभाओं के चुनाव परिणामों के बाद, कई अंसतुष्ट राजनैतिक दलों ने ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी कर चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की बात उठायी थी। उत्तरप्रदेश के निकाय चुनावों के मद्देनज़र यह चर्चा फिर से जोरों पर चल पड़ी है। आलोचना करने वाले अपने (कु)तर्कों
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संविधान और 'मैं' से 'हम'

राजनीति एक दिलचस्प चीज है। ये सब में है, सबकी है और सबसे है। इसके बावजूद अक्सर ये ताने सुनती है। गुनाह हम बुनते हैं, इल्जाम राजनीति पर आ चिपटता है। जैसे ही ‘मैं’, ‘हम’ में तब्दील होता है, राजनीति का क्षेत्र शुरू हो जाता है। यूपी-बिहार में ‘मैं’ कम ‘हम’ ज्यादा बोला जाता है,
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कांग्रेस की मौजूदा स्थिति और चुनौतियां

  भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। भले ही आज वह अपने अस्तित्व के लिए नहीं लड़ रही है, लेकिन वह समय रहते नहीं संभलती है तो 2019 के आम चुनावों के बाद कांग्रेस पर अस्तित्व के संकट का सवाल ज़रूर खड़ा होगा । भारत जैसे विशाल देश में
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मोदी विरोध की अंतर्कथा

“मोदी से कुछ लोग इस हद तक घृणा करते हैं कि इस असंगत घृणा की वजह से कई सारे राजनैतिक विश्लेषक अपनी निष्पक्षता/वस्तुनिस्ठता खो रहे हैं। उनको (मोदी को) घुटनों पर देखने के उतावलेपन में वे अर्थहीन शब्दों में अर्थ खोजते हैं” मेरे एक पत्रकार मित्र, जिन्हें मैं बहत लंबे समय से जनता हूँ, ने
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कश्मीर में स्कूली बच्ची की चीख को समझें नेता

सात दशक हो गए। कश्मीर वहीं है। कोई हल नहीं हुआ। विवाद और गहरा हुआ। विवाद महंगा हुआ। उपमहाद्वीप की बड़ी समस्या बन गयी। हिजबुल के बुरहान की मौत मुठभेड़ में हुई। उस वक़्त हिंसा भड़की। उसका वारिस सबजार 27 मई को मारा गया, फिर हिंसा भड़की। आतंकी हीरो नहीं हो सकता। घाटी में आतंकी
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कश्मीर: किसकी हार?

“पोस्टमोर्टम में नीलोफर के शरीर से 5 लीटर वीर्य निकला था”, ये कहना है दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम में रहने वाले 16 साल के एक लड़के का… इस लड़के के अनुसार उसे ये बातें हाल ही में गांव में हुई एक “सभा” में बताई गयी थीं। नीलोफर जान, उन दो महिलाओं में से एक थी
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