कला-संस्कृति/Art-Culture

Birthday Special: Swami Vivekananda teaches us what India needs to do in next 5000 Years

Eleventh September of 1893 the city of Chicago in the United States observed a new phenomenon that is still shaking the heart and mind of millions of people even today. A thirty years old Indian Hindu monk addressed the distinguished audience of the Parliament of the World’s Religions in Chicago as ‘Sisters and Brothers of America’.
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विरह वेदना की अभिव्यक्ति है सावन मास

ऋतुओं में सावन महीने का अपना एक विशिष्ट महत्व है। यह महीना बड़ा ही मनभावन होता है। इसकी फुहार प्रकृति को तृप्त कर देती है। सावन का आगमन होते ही चारों ओर हरियाली छा जाती है। नैसर्गिक वातावरण और पेड़-पौधे की हरियाली तो मन को प्रसन्न करते ही हैं साथ ही साथ धानी चुनर में
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लघु कहानी: 'स्वीटी'

मंसूर पटेल मुंबई के रहने वाले हैं। मुंबई विश्वविद्यालय से ही हिंदी में एम.ए. करने के बाद पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। आकाशवाणी के लिए कई कार्यक्रम और कहानियां लिख चुके हैं। इन्होंने ‘चौपाल’ को अपनी एक लघु कहानी  ‘स्वीटी’ लिख भेजी है। आप भी पढ़िए…   डब्बू स्कूल से घर लौटा। लौटते हुए मछली वाली
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गडिया लोहर... इतिहास को संजोए जिंदगी काटता समुदाय

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर ये लोग कौन हैं, इनकी क्या जाति है, कहां रहते हैं, क्या करते हैं, क्या पहचान है? कुछ दिन पहले ही दिल्ली में कुछ ऐसे लोगों ने प्रदर्शन किया, जिनसे अगर ये सवाल किए जाएं, तो उनके पास जवाब तो होंगे पर सिद्ध करने के लिए प्रमाण नहीं। वैसे तो
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भारत का भविष्य: एक खोज (दूसरी किस्त)

–पर्णिया मिश्रा ‘सुवास’ (@parniyamishra) पिछले लेख में मैने भारत के उज्जवल भविष्य के साध्य के साधन के रूप में ज्ञान के महत्व को प्रस्तुत किया था। आज प्रश्न यही खड़ा होता है कि यह विचारधारा और संकल्पना आज के भारत में कहाँ तक प्रासंगिक है? जिस महान और विकसित ज्ञान परंपरा का निर्वाह इस भारत
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भारत का भविष्य: एक खोज

–पर्णिया मिश्रा ‘सुवास’ (@parniyamishra) आज भारत को विश्वगुरु बनाने की चर्चाएं ज़ोरों पर हैं। राजनीती से लेकर व्यावसायिक क्षेत्र तक, गाँव-क़स्बे से लेकर हर जगह, बस हिंदुस्तान के भविष्य की चर्चा है। अच्छा है। लेकिन उसका रास्ता क्या होगा? इस प्रश्न में लोगों की सोच बंटी हुई है। आज से लगभग 15 साल पहले भारत
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...जो बापू को 'गढ़' रहे हैं

आज महात्मा गांधी की पुण्यतिथि है। भले ही साबरमती का संत 69 साल पहले पंचतत्व में विलीन हो गया हो, लेकिन उनका सत्य और अहिंसा का सिद्धान्त आज भी दुनिया को रास्ता दिखा रहा है। गांधी जी की पुण्यतिथि पर हम आपको एक ऐसे शख्स से मिलवा रहे हैं जो बापू को ‘गढ़’ रहे हैं
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तैमूर - नाम में क्या रखा है?

–मनीषा दीक्षित (@MonishaDikshit) “नाम में क्या रखा है? जिसे हम गुलाब कहते हैं उसे किसी और नाम से पुकारें तो भी वो उतना ही अच्छा महकेगा “ विलियम शेक्सपियर का यह विचार भी, सोशल मीडिया पर बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान और करीना कपूर के बेटे के नाम तैमूर अली खान को लेकर मचे हुए बवाल
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