श्रीश पाठक

2017: भारतीय कूटनीति का लेखा-जोखा

कैलेंडर के नज़रिए से देखें तो पिछला साल महज उपलब्धियों वाला नहीं रहा है, बल्कि भारतीय कूटनीति के लिए कई सबक देकर यह साल विदा हुआ है। संयुक्त राष्ट्र के तहत आने वाले अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस) में भारतीय जज दलवीर भंडारी की पुनर्नियुक्ति भारत की जबरदस्त कूटनीतिक विजय मानी गयी लेकिन उसी
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संविधान और 'मैं' से 'हम'

राजनीति एक दिलचस्प चीज है। ये सब में है, सबकी है और सबसे है। इसके बावजूद अक्सर ये ताने सुनती है। गुनाह हम बुनते हैं, इल्जाम राजनीति पर आ चिपटता है। जैसे ही ‘मैं’, ‘हम’ में तब्दील होता है, राजनीति का क्षेत्र शुरू हो जाता है। यूपी-बिहार में ‘मैं’ कम ‘हम’ ज्यादा बोला जाता है,
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