संजय मेहता

कश्मीर में स्कूली बच्ची की चीख को समझें नेता

सात दशक हो गए। कश्मीर वहीं है। कोई हल नहीं हुआ। विवाद और गहरा हुआ। विवाद महंगा हुआ। उपमहाद्वीप की बड़ी समस्या बन गयी। हिजबुल के बुरहान की मौत मुठभेड़ में हुई। उस वक़्त हिंसा भड़की। उसका वारिस सबजार 27 मई को मारा गया, फिर हिंसा भड़की। आतंकी हीरो नहीं हो सकता। घाटी में आतंकी
Read More

प्रशांत किशोर और भारतीय राजनीति

– संजय मेहता (@JournalistMehta) भारतीय राजनीति के बदलते दौर में प्रशांत किशोर एक जाना पहचाना नाम है। उन्होंने भारतीय राजनीति को नए अर्थों में गढ़ा है। कहा जाता है कि राजनीति में न कोई स्थायी दोस्त है और न स्थायी दुश्मन। राजनीति की पहली और आखिरी शर्त है कि किसी पर विश्वास मत करो क्योंकि राजनीति
Read More

लोगों के दिलों पर राज करती थीं जयललिता

-संजय मेहता (@JournalistMehta)   आज के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में राजनीतिक दलों एवं नेताओं पर लोगों का अविश्वास बढ़ा है। अविश्वास के इस दौर में ऐसे बहुत कम नेता हुए जिन्होंने लोगों के दिलो को जीता। जयललिता के समर्थक जान देने को तैयार रहते थे। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि
Read More

रेल हादसों की तमाम जांच रिर्पोटों से क्या हासिल होगा?

– संजय मेहता (@JournalistMehta) हमारे देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक परिवहन सेवा भारतीय रेलवे है। लाखों – करोड़ों लोग प्रत्येक दिन इससे सफर करते हैं। इतनी बड़ी जिम्मेवारी के बावजूद भी यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भारतीय रेलवे गंभीर नहीं नजर आता। बार – बार हादसे हो रहे हैं। हम लगातार एक ही गलती की
Read More