हम कौन हैं/About Us

‘चौपाल’ विचारों को समर्पित एक “ओपन प्लेटफॉर्म” हैं. मसालेदार पत्रकारिता से हटकर हमारी कोशिश हिंदी और अन्य सभी भारतीय भाषाओं में (यद्पि अंग्रेजी से कोई आपत्ति नहीं है) विचारों के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है जहाँ समसामायिक मसलों पर गंभीरता से विचार व्यक्त किए जा सकें. ‘चौपाल’ एक गैर-लाभकारी प्रयास है. इससे राजस्व बनाने का कोई उद्देश्य/लक्ष्य नहीं है. फिर भी भविष्य में यदि इससे कुछ आय होती है तो उसका उपयोग जरूरतमंदों की शिक्षा के लिए किया जाएगा.

‘चौपाल’ बनाने के पीछे हमारा उद्देश्य विचारों का विकेंद्रीकरण भी है. अच्छे और महत्वपूर्ण विचार सिर्फ  दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों से ही नहीं आते बल्कि ये सुदूर किसी गाँव या क़स्बे में बैठे किसी भी सामान्य-जन के हो सकते हैं.

चौपाल आपको अपने क्षेत्र के उन प्रमुख व्यक्तियों के इंटरव्यू करने का भी अवसर उपलब्ध कराता है, जिन्होंने जमीनी स्तर पर जनकल्याण के उल्लेखनीय कार्य किए हों.

इसकी एक विशेषता यह भी है कि इसका वेब पता (URL) देवनागरी (हिंदी) में है.
चौपाल.भारत (‘चौपाल’ पर Chaupal.org से भी पहुंचा जा सकता है)
Twitter पर ये @ChaupalBharat हैंडल से मौज़ूद है.
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‘चौपाल’ को पुरस्कार
bobs अपनी शुरुआत से महज़ 80 दिनों में चौपाल ने DW (डॉयचे वेले), जर्मनी का theBOBS-2016 (हिंदी श्रेणी) पुरस्कार जीता।

 

 

संस्थापक संपादक/संयोजक- अमित (@AmitBharteey)

‘चौपाल’ लगाने में जिन्होनें सहयोग दिया-

  • संतोष कुमार (गोरखपुर, उ.प्र.)
  • दीपक शर्मा (भोपाल, म.प्र.)
  • रोहित द्विवेदी (जालौन, उ.प्र.)
  • पीयूष गुप्ता (जालौन, उ.प्र.)
  • आशीष गुप्ता (जालौन, उ.प्र.)
  • अभिमन्यु कुमार साहा (बिहार शरीफ़, बिहार)
  • श्रीश चंद्र (अंबेडकर नगर, उ.प्र.)

और बढ़ता हुआ कारवां…

  • अमन गुप्ता (मुख्य संपादक)
  • शिशू सिंह
  • प्रभात कुमार
  • दीपक मिश्र
  • शशांक पाठक (हिंदी संपादक)
  • शीतल कौल (अंग्रेज़ी संपादक)

Chaupal is an Opinion Platform dedicated to all Indian languages and it is Open for All. Our aim is to provide a platform in Hindi/ English and other Indian languages where anyone can express his/her views/opinions or serious concern regarding the various contemporary issues of our Society and World. Chaupal is a Non-profitable Endeavour. It is not a source to generate any revenue. In future, earnings if any would be spent to educate the needy.

Our objective behind creating ‘Chaupal’ is also Decentralization of Opinions. Innovative and important thoughts do not necessarily come from metros like Delhi or Mumbai, but they can be from any ordinary person in a remote village or town.

‘Chaupal’ also offers you the opportunity to interview the key dignitaries of your area, who have done some remarkable works of philanthropy at the grassroots level.

In just 80 days from its start, “Chaupla” won theBOBS-2016 (Hindi category) award of DW (Deutsche Welle), Germany.

Reach “Chaupal” through http://चौपाल.भारत  (or you can also log on to us at  Chaupal.org)
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Founding Editor/Moderator- Amit (@AmitBharteey)

 

The helping hands who helped in arranging Chaupal-

  • Santosh Kumar (Gorakhpur, U.P.)
  • Deepak Sharma (Bhopal, M.P.)
  • Rohit Dwivedi (Jalaun, U.P.)
  • Piyush Gupta (Jalaun, U.P.)
  • Ashish Gupta  (Jalaun, U.P.)
  • Abhimanyu Kumar Saha (Bihar Sharif, Bihar)
  • Shreesh Chandra (Ambedkar Nagar, U.P.)

the growing Caravan…

  • Aman Gupta (Editor-in-Chief )
  • Shishu Singh
  • Prabhat Kumar
  • Deepak Mishra
  • Shashank Pathak (Hindi Editor)
  • Sheetal Kaul (English Editor)